एक नया एहसास

ज़िन्दगी में हर दिन कुछ नया देखती हूँ सिखती हूँ। प्रकृति भी तो इसी तरह हर सुबह कुछ नए एहसास लेकर आती है। ज़रूरत है तो इसे आत्मसात करने की। दुःख है तो सुख भी होंगे, समस्या है तो समाधान भी होंगे, धुंध है तो रास्ता भी वहीं से निकलेगा। काफी दिनों से सोचते-सोचते आखिर आज अपने ब्लॉग का शुभारंभ कर ही लिया, अब तो आप ही बताएँगे कि मैं अपने इस प्रयास में कहाँ तक सफल हो पायी। 

Comments

Post a Comment

Popular Posts